Google AdSense की CPC कैसे बढ़ाये | Google AdSense की CPC बढाने के 16 Killer Tips

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Google AdSense की CPC कैसे बढ़ाये

Google AdSense की CPC कैसे बढ़ाये : किसी भी ब्लॉग या वेबसाइट में google AdSense से पैसे कमाने के लिए अधिक से अधिक CPC का होना अत्यंत आवश्यक है, आज हम यही जानने वाले हैं कि CPC को कैसे बढाया जा सकता है, इसे हम Step by step 16 टिप्स के माध्यम से जानेंगे , सबसे पहले यह जानते हैं कि आखिर यह CPC क्या है? 

CPC क्या होती है (what is CPC in hindi)

दरअसल google ad sense से हम जो भी on line कमाई करते हैं यह उसका एक माध्यम है, यानी की हमें CPC के माध्यम से पैसा मिलता है, CPC keyword और location के हिसाब से काम करती है,

मान लीजिये कि आपने एक keyword को search किया कि “यू ट्यूब से पैसे कैसे कमायें’ तो google AdSense को बतायेगा कि अगर आप इस keyword पर अपनी ad को show करवाना चाहते हो तो हम आपसे इतना पैसा charge करेंगे, और फिर उसी हिसाब से आपको भी पैसे मिलते हैं, यह keyword और location के हिसाब से fluctuate होती रहती है,

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CPC FULL FORM (what is full form in CPC in hindi)

CPC का Full फॉर्म cost per click होता है  यानी “मूल्य प्रति क्लिक” और इसे PPC यानी pay per click भी कहते हैं CPC google ad sense में प्रयोग होने वाली एक शोर्ट फ़ार्म है जिसे google ad sense विज्ञापन पर एक click पर दी गयी राशि के लिए अंकित करता है ,

CPC की फुल फॉर्म तथा इसके बारे में जानने के बाद अब जानते हैं वे 16 किलर तरीके जिनसे google ad sense की CPC बढ़ाई जा सकती है जो कि इस प्रकार से हैं –

Google Adsense की CPC बढाने के 16 Killer Tips

Google AdSense की CPC कैसे बढ़ाये : अगर आप एक blogger या youtuber है तो आपको Google AdSense cpc पर ध्यान जरुर देना चाहिए क्योकि आपकी AdSense की cpc ही आपकी कमाई को 4 गुनी करेगी ,और आपको बताना चाहुगा येसा जरुरी नहीं है की इंग्लिश भाषा में cpc अच्छी मिलती है या फिर other country में cpc हाई मिलती है आप हिंदी भाषा में भी cpc बड़ा सकते है

लेकिन इतना जरुर कहूँगा की निर्भर करता है आपकी साईट किस niche/subject पर है लेकिन हर niche में cpc को बढाया जा सकता है और हमारे द्वारा बताये गए tips & tricks को फॉलो करते है तो निश्चित ही आप Google AdSense की cpc बड़ा सकते है तो चलिए जानते है Google Adsense की CPC बढाने के 16 Killer Tips

1 – Website neche को select करें

Google AdSense की CPC कैसे बढ़ाये : niche किसी ब्लॉग के टॉपिक को कहा जाता है, आपका ब्लॉग किस टॉपिक पर है अथवा किस कैटेगिरी में आता है जैसे पर्यटन, धर्म, या technology इत्यादि, इसी टॉपिक या विषय को डिजिटल भाषा में niche कहते हैं इसलिए जिस विषय में आप निपुण हैं या आपको उसके बारे में अच्छी जानकारी है तो उस पर काम करके आप अपना एक टॉपिक चुनते हैं

वही आपका niche है, इस साधारण से शब्द का बहुत महत्व है, इसलिए सही niche का चयन बहुत ही आवश्यक है, गलत niche का चयन करने पर सफलता नहीं मिलेगी और आप हताश होकर काम करना बंद कर देंगे, यह असफल होने का मुख्य कारण है आइये इसे एक उदाहरण से समझते हैं –

माना की आपने कोई ब्लॉग लिखने का सोचा और आपने इसके लिए niche को चुना – “डिजिटल मार्केटिंग” लेकिन इस बारे में आपको ज्यादा जानकारी नहीं है,और ना ही कोई दिलचस्पी है, आपको तो दिलचस्पी और जानकारी पर्यटन के बारे में है, तो जो आपने डिजिटल मार्केटिंग का niche चुना है आप उसे बेहतर तरीके से नहीं लिख पायेंगे, और आपका लिखने का मन ही नहीं करेगा, क्योंकि आपको उसमें दिलचस्पी ही नहीं है, तो कुछ समय बाद आप हताश होकर ब्लॉग्गिंग छोड़ देंगे,

जबकि सही niche आपके इंटरेस्ट के हिसाब से होगा क्योंकि आप उसके बारे में जानते हैं तो आप अच्छे से research करोगे और आपको इसमें आनंद आयेगा और लिखने में दिक्कत नहीं होगी इस प्रकार नए – नए विषय आपके मन में आते जायेंगे तथा आपको काम करने में खुशी मिलेगी पैसा न कमाने पर भी आप निराश नहीं होंगे और काम करते रहेंगे, इस प्रकार आपको एक दिन सफलता अवश्य ही मिलेगी, इस प्रकार हमने जाना कि सही niche का चयन कितना आवश्यक है,

2 – High CPC keyword को search करें

इन्टरनेट की दुनिया में जब हम कोई इन्फोर्मेशन ढूंढते हैं तो उसे कोई न कोई शब्द लिखकर ही search करते है, जब search इंजन लिखे शब्दों के अनुसार जानकारी ढूंडता है तो जिस भी वेबसाइट में उस शब्द की जानकारी मिलती है वह उस वेबसाइट का keyword हो गया,

आपको यह जानना अत्यंत आवश्यक है कि आपके niche से रिलेटेड websites किस keyword पर रैंक कर रहे हैं तथा उसका मंथली search कितना है तथा आप अपने पोस्ट को कैसे google में रैंक करा सकते हैं इसके लिए आपको High CPC keyword search की जानकारी का होना अत्यंत आवश्यक है, 

3 – Quality content

क्वालिटी कंटेंट वह चीज है जिसे google सोचे और डिसाइड करे कि इस चीज को जरुर शेयर करना चाहिए, इसमें बिज़नेस का मकसद नहीं होता ये वो content है जिसे लोग आसानी से पढ़ सकें, समझ सकें और आसानी से अपना सकें,और जो उनके ज्ञान में वृद्धि कर सके,और जिसमें ऐसी जानकारी हो कि लोग इसे अपने जीवन में उतार सकें, और दूसरों के साथ शेयर कर सकें, इसे quality content कहते हैं, इस प्रकार के content पर ज्यादा विजिटर्स आते हैं लोगों का आप पर विश्वास बढ़ता है और आपको नए बिजनेस मिलते हैं,

4 – आपकी साईट पर organic traffic होना चाहिए

ऑर्गेनिक ट्रैफिक का मतलब नेचुरल ट्रैफिक से है, इसे ओरगेनिक search और नेचुरल ट्रैफिक के नाम से भी जाना जाता है, किसी वेबसाइट पर ओर्गेनिक विजिटर तब कहा जाता है जब कोई उपयोगकर्ता google या किसी अन्य search engine के माध्यम से डायरेक्ट आपकी वेबसाइट में प्रवेश करता है, इसे इस उदाहरण से आसानी से समझा जा सकता है

मान लीजिये मुझे एक मोबाइल लेना है, और मैं इसके लिए google पर search करता हूँ कि “Best mobiles under 15000” तो इसमें बहुत रिजल्ट दिखाई देंगे और जब इनमें से किसी एक option पर click करके मैं उस वेबसाइट में प्रवेश कर जाउंगा तो यह उस वेबसाइट का ओर्गेनिक ट्रैफिक कहलायेगा, इससे यह भी सिद्ध होता है कि ओर्गेनिक ट्रैफिक हमेशा search engine से ही प्राप्त होता है,

ऑनलाइन इनकम का सबसे बड़ा आय स्रोत ओर्गेनिक ट्रैफिक है, जैसे-जैसे आपकी साईट की ओर्गेनिक ट्रैफिक बढ़ती है वैसे-वैसे साईट की लोकप्रियता भी बढ़ेगी, search engine result pages पर आपकी रैकिंग के द्वारा ऑर्गेनिक ट्रैफिक उत्पन्न होता है,

5 – Unwanted plug in का इस्तेमाल ना करें

plug in फाइलें मौजूदा प्रोग्राम के लिए अतिरिक्त सुविधाए और कार्य छमता प्रदान करती है, यानी कि प्रोग्राम की छमताओं का विस्तार करने के लिए एक सुविधाजनक तरीका है,आमतौर पर इमेज, विडियो, और ऑडियो edit applications और साथ ही वेब ब्राउजर द्वारा उपयोग किये जाते हैं, plug in को add on के रूप में भी जाना जाता है, लेकिन unwanted plug in आपकी साईट को धीमा कर देती है,

6 – सही theme का चयन करें

ब्लॉग थीम का चयन बहुत ही महत्वपूर्ण है,जो की आपके ब्लॉग पर आने वाले दर्शकों की संख्या पर प्रभाव डालता है, तथा लम्बे समय तक ब्लॉग का भविष्य भी निर्धारित करता है, हमारे ब्लॉग की good looking थीम पर ही निर्भर करती है, अगर थीम सही है तो डिजायन और ले-आउट भी सही होगा और अगर डिजायन सही है तो ज्यादा से ज्यादा विजिटर इसे पसंद करेंगे और search engine में भी आपका ब्लॉग show होने लगेगा,

7 – blog या website पर ट्रैफिक होना चाहिए

जिस प्रकार से मनुष्य की साँसें oxygen से चलती हैं  वैसे ही एक ब्लॉग, यू ट्यूब चैनल अथवा एप्प की साँसें ट्रैफिक से चलती हैं, यानी की ट्रैफिक हमारी साईट के लिए ऑक्सीजन के समान है, बिना ट्रैफिक के कोई भी साईट या ब्लॉग एक कचरे के समान है, ट्रैफिक के कारण ही आपको अपनी साईट से कमाई संभव हो पायेगी  तभी आपका मन उस ब्लॉग पर लगा रहेगा और आप उस पर काम कर पाओगे,

8 – New ads unit का प्रयोग करें

न्यू ads unit आज के समय में google AdSense का एक ऐसा फीचर है जिससे की आप google ad sense पर ads मेन्टेन कर सकते है, इसकी सहायता से किसी भी text या image को सुविधानुसार जहां पर चाहें वहां पर लगा सकते हैं, तथा इसके साथ ही ad style का भी चयन कर सकते हैं, जिससे की साईट का लुक अच्छा होगा और विजिटर्स की संख्या में निश्चित ही इजाफा होगा,

9 – Ads placement सही से करें

आप अपनी साईट या ब्लॉग में जिन जगहों पर अपने विज्ञापन चलाना चाहते हैं उन्हें placement कहा जाता है, साईट पर विज्ञापन डालते समय बेहतर विज्ञापन placement का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है, इसलिए साईट पर विज्ञापन किस जगह दिखाई जाएँ यह बहुत ही महत्वपूर्ण है, उपयोगकर्ता का ध्यान भटकाए बिना पेज पर आपका विज्ञापन दिखाया जाना चाहिए 

विजिटर्स के लिए विज्ञापन placement चुनने से आपको लोगों को वहां तक पहुचाने में मदद मिलेगी जहां वे सबसे ज्यादा समय बिताते हैं, अगर आप ऑटोमेटिक placement चुनते हैं तो विज्ञापन को सभी उपलब्ध placement पर चलने का अवसर मिलता है,

10 – Visitors location सेलेक्ट करें

इसके लिए आप Get current position का उपयोग करके जिओलोकेशन A P I से उपयोगकर्ता के स्थान का अनुरोध कर सकते हैं, आपकी वेबसाइट के विजिटर्स की लोकेशन का पता लगाना कई कारणों से उपयोगी है,

जैसे यदि आप अलग-अलग देशों के लोगों के लिए अलग-अलग सामग्री प्रदर्शित करना चाहते हैं तो विजिटर्स से लोकेशन का अनुरोध करें लेकिन यह भी सुनिश्चित करें कि विजिटर अच्छी तरह से समझता है कि आप उसकी लोकेशन क्यों पूछ रहे हैं और उन्हें इससे क्या लाभ होगा लेकिन यह ध्यान रखें कि साईट के तुरंत लोड होते ही होमपेज पर उपयोगकर्ता से तुरंत लोकेशन पूछने से बचें,

11 – Content कॉपी पेस्ट नहीं होना चाहिए

ब्लॉग पर अगर आप copy pest करते है तो इसका मतलब यह है कि आपका कंटेंट unlike नहीं है, कई ब्लॉगर दुसरे ब्लॉग को copy pest करके अपने ब्लॉग पर publish करते हैं, लेकिन यह गलत है क्योंकि उन्हें किसी दूसरे ने लिखा है, और आप किसी दूसरे की मेहनत को अपनी सफलता की सीढ़ी नहीं बना सकते हैं, google अपने search result में copy pest वाले कंटेंट को show नहीं करता है, और इस वजह से आपका ट्रैफिक और रैंक कम होता चला जाता है,

12 – अपनी website या ब्लॉग को mobile friendly बनाएं

ब्लॉग को मोबाइल फ्रेंडली बनाने  का मतलब है कि आपका ब्लॉग मोबाइल में सही तरह से चल सके और किसी भी प्रकार की समस्या न आये, आपको अपने ब्लॉग के टेम्पलेट को मोबाइल फ्रेंडली बनाना पडेगा क्योंकि हमारे ब्लॉग पर लगभग 70 % विजिटर्स मोबाइल से ही आते हैं, अर्थात अधिकाँश लोग वेबसाइट या ब्लॉग को मोबाइल में ही यूज करना चाहते हैं,

अगर आपका ब्लॉग मोबाइल फ्रेंडली नहीं है तो ब्लॉग बनाने का कोई फायदा नहीं है,  google कहता है कि – mobile friendly first index  यानी कि मोबाइल फ्रेंडली ब्लॉग या वेबसाइट को google अपने search result में पहले show करवायेगा तो इससे यह साफ़ पता चलता है कि किसी साईट का मोबाइल फ्रेंडली होना कितना आवश्यक है,

13 – Long article लिखें

किसी भी विषय पर विस्तृत रूप से लिखकर ही हम अपने पाठकों को पूरी, विस्तृत व सटीक जानकारी दे सकते हैं जिस प्रकार एक निबंध के अंतर्गत सभी बातें आ जाती है, ठीक उसी प्रकार से सम्पूर्ण लेखन करना article तथा पाठकों के साथ न्याय करने के सामान है,

विषय का चुनाव करके उसके बारे में सम्पूर्ण सत्य जानकारी व सामग्री जुटाकर तथा सही शब्दों का प्रयोग करने पर article अवश्य ही लंबा बनता है लेकिन इसके द्वारा हम आधी-अधूरी जानकारी देने से बच जाते हैं तथा हमारा article सम्पूर्ण article कहलाता है, क्योंकि लंबा होने के कारण सभी आवश्यक बातें इसमें समाहित हो जाती हैं ,

14 – Blog post में तीन से ज्यादा ads इस्तेमाल ना करें

ज्यादा ads लगाने से ब्लॉग की स्पीड धीमी हो जाती है, और इस वजह से CPC कम हो जाती है, इसलिए अधिकतम तीन ads लगाना उपयुक्त है, ज्यादा ad लगाने का लालच नुकसानदायक सिद्ध हो सकता है, लेकिन अगर आपका कंटेंट काफी बड़ा है तो तीन से अधिक ad लगाए जा सकते हैं 

15 – google AdSense ads साइज़ का ध्यान रखें

google AdSense में विज्ञापनों को एक निश्चित आकर ( Size )  देकर इन्हें विशिष्ट बनाया जा सकता है,जिन विज्ञापनों को आप अपने पेज पर दिखाना चाहते हैं उनकी चौड़ाई और उंचाई का चुनाव कर इन्हें आकर्षक बनाया जा सकता है, कुछ निश्चित विज्ञापन साइज़ जैसे 120 x 80 में कोई भी विज्ञापन प्रदर्शन इन्वेंट्री को उपलब्ध नहीं हो सकता है,

इसलिए विज्ञापन साइज़ के उपयोग करने का निर्णय लेते समय इसे ध्यान में रखना आवश्यक है, क्योकि अत्यधिक छोटे या बड़े साइज़ के विज्ञापन से आपकी आय पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, यह भी आवश्यक है कि समय-समय पर आप विज्ञापन साइज़ का परीक्षण करते रहें ,

16 – AdSense के Low CPC ads को Block करें

जो कंपनी AdSense की ad पर click करने के लिए कम रेट देती है तो AdSense भी हमको उसी हिसाब से रेट देता है, इसे ही Low CPC Rate कहा जाता है, इस प्रकार के Low CPC ads को block करके ही AdSense से कमाई की जा सकती है,इसके लिए हमें अपने google AdSense अकाउंट को खोलकर यह चेक करना होता है कि किस ad नेटवर्क से हमें कम CPC मिल रही है अथवा बिलकुल भी नहीं मिल रही है, इस प्रकार के जितने भी ad network हैं उन्हें एक-एक करके block कर दें इस प्रकार से website पर सिर्फ वही ad होंगे जिनकी CPC ज्यादा है, और वे ad नहीं होंगे जिनकी CPC कम है,

लेकिन इसमें एक जरुरी तथा ध्यान देने योग्य बात यह है कि गलती से भी google ad word को block न कर दें क्योंकि यही मुख्य ad network है, और इससे अच्छा CPC भी मिलता है,और इसी से अच्छी कमाई भी होती है, इसलिए इसे block न करें, इसके अलावा जितने भी लो CPC ad network हैं उन सभी को block करना अनिवार्य है, इससे निश्चित ही CPC बढ़ता है,

इस लेख के माध्यम से आपको CPC बढ़ाने के 16 तरीके बताकर सम्पूर्ण जानकारी दी गयी है और उम्मीद है कि यह जानकारी सभी के लिए उपयोगी साबित होगी !

निष्कर्ष :

दोस्तों जाना आपने Google AdSense की CPC कैसे बढ़ाये (Google AdSense की CPC बढाने के 16 Killer Tips) उम्मीद करते है आप अपने ब्लॉग या वेबसाइट पर ये tips & tricks जरुर अप्लाई करेंगे आपको निश्चित ही रिजल्ट मिलने लग जायेंगे हो सकता है गूगल को समझने में थोडा समय लगे लेकिन आप एक हफ्ते का समय दीजिये फिर आपको रिजल्ट दिखने सुरु हो जायेंगे

दोस्तों हमारे द्वारा बताई गयी जानकारी आपको कैसी लगी अगर कुछ सिखने मिला हो तो इस लेख को अधिक से अधिक अपने फ्रेंड या ब्लॉगर भाई बहनों को फॉरवर्ड करे हमें खुसी होगी -धन्यवाद् –

FAQ : Google AdSense से जुड़े कुछ सवाल

Q : Google AdSense कब लांच हुआ?

Ans : Google AdSense 18 June 2003 को लांच हुआ था

Q : CPC का full form क्या होता है?

Ans : cost per click

Q : Google AdSense का revenue कैसे बडाये?

Ans : Google AdSense का revenue बढाने के लिए हमने आपको 16 tips और tricks के बारे में बताये है आप पुरे आर्टिकल को ध्यान से पढिये और अपनी Google AdSense की cpc को बडाये

Q : Google AdSense CPC क्यों बढाना चाहिए?

Ans : सिंपल बात है इसलिए Google AdSense की cpc बढाना चाहिए ताकि आपकी कमाई में इजाफा हो मतलब आप 2 गुनी चौ गुनी कमाई कर सके

Q : india में कितना CPC मिलता है?

Ans :अलग अलग niche पर निर्भर करता है की cpc कितना मिलेगा मेरे अभी तक अनुभव किया हु अगर आप शायरी niche पर काम करते है तो आपको cpc 0.01 से 0.05 के बिच में मिल सकता है और अगर इंलिश साईट है तो इसमें थोडा ज्यादा मिलेगा लेकिन वही अगर फाइनेंस या लोन वाली साईट है तो आपको हाई cpc मिलेगा जैसे की 0.10 से 0.50 तक हिंदी साईट में मिल जाता है |

Q : किस niche में सबसे ज्यादा CPC है

Ans : Insurance , finance, loan, lawyer, credit card, business ideas, share market आदि |

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